रिक्शा चलाने वाले, मजदूरी करने वाले, घरों में काम करने वाले या सड़क किनारे दुकान लगाने वाले लोगों के पास बुढ़ापे के लिए अक्सर कोई पक्की आमदनी नहीं होती। इसी कमी को भरने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) शुरू की। इसमें हर महीने थोड़ी रकम जमा करनी होती है, और 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद हर महीने ₹3000 की पेंशन मिलती है।
इस योजना की सबसे अच्छी बात यह है कि आप जितने रुपये जमा करते हैं, सरकार भी उतने ही रुपये आपके पेंशन खाते में डालती है। यानी पूरी रकम अकेले आपको नहीं भरनी पड़ती। पात्रता, उम्र के हिसाब से किस्त, रजिस्ट्रेशन का तरीका और बीच में योजना छोड़ने के नियम, सब कुछ नीचे एक-एक करके बताया गया है।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना: एक नजर में
| बातें | जानकारी |
| योजना का नाम | प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM) |
| शुरुआत | 5 मार्च 2019 |
| किनके लिए | असंगठित क्षेत्र के कामगार |
| उम्र | 18 से 40 साल |
| मासिक आमदनी | ₹15,000 या उससे कम |
| हर महीने की किस्त | ₹55 से ₹200 (उम्र के हिसाब से) |
| सरकार का योगदान | आपकी किस्त के बराबर |
| पेंशन | ₹3000 प्रति माह, 60 साल की उम्र के बाद |
| पति या पत्नी को लाभ | पेंशन शुरू होने के बाद मृत्यु पर ₹1500 पारिवारिक पेंशन |
| रजिस्ट्रेशन | नजदीकी CSC सेंटर या maandhan.in |
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना क्या है?
PM-SYM श्रम और रोजगार मंत्रालय की पेंशन योजना है, जो 5 मार्च 2019 को शुरू हुई थी। इसमें 18 से 40 साल की उम्र के पात्र कामगार अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। जुड़ना आपकी मर्जी पर है, लेकिन पेंशन तभी मिलेगी जब आप किस्त नियमित भरते रहें।
रजिस्ट्रेशन के बाद आपकी उम्र के हिसाब से हर महीने एक तय रकम बैंक खाते से कटती है, और सरकार भी उतनी ही रकम जमा करती है। मान लीजिए कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र में जुड़ता है। उसे हर महीने ₹105 देने होंगे, सरकार के भी ₹105 जुड़ेंगे, यानी पेंशन फंड में हर महीने कुल ₹210 जमा होंगे।
एक बात साफ समझ लें: रजिस्ट्रेशन के तुरंत बाद ₹3000 मिलना शुरू नहीं होता। पेंशन 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद ही शुरू होती है।
यह योजना क्यों शुरू की गई?
देश में करोड़ों लोग ऐसे हैं जिनके पास न पक्की नौकरी है, न हर महीने बंधी हुई कमाई और न रिटायरमेंट के बाद पेंशन। उनकी आमदनी इस पर टिकी होती है कि शरीर कितना साथ दे रहा है। उम्र बढ़ने पर काम घटता है और कमाई भी घट जाती है, और बुढ़ापे में दूसरों के भरोसे रहना पड़ता है। इसी हालत को देखते हुए सरकार ने असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए यह पेंशन योजना शुरू की।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में कितनी पेंशन मिलेगी?
60 साल की उम्र पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थी को हर महीने ₹3000 की न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन मिलती है। साल भर में यह ₹36,000 बैठती है।
- हर महीने की पेंशन: ₹3000
- पेंशन कब शुरू होगी: 60 साल की उम्र पूरी होने पर
- भुगतान: हर महीने, योजना के नियमों के अनुसार जीवनभर
ध्यान रहे, ₹3000 एक साथ नहीं मिलते। यह हर महीने आने वाली पेंशन है।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के लिए पात्रता
रजिस्ट्रेशन से पहले देख लें कि आप ये सभी शर्तें पूरी करते हैं या नहीं:
- उम्र 18 से 40 साल के बीच हो।
- आप असंगठित क्षेत्र में काम करते हों, यानी किसी नियमित सरकारी या संगठित नौकरी में न हों।
- महीने की आमदनी ₹15,000 या उससे कम हो।
- आप EPFO, ESIC या NPS के सदस्य न हों।
- आप आयकर न भरते हों।
- आपके पास आधार कार्ड और बचत बैंक खाता हो।
अगर आपकी उम्र 40 साल से ऊपर हो चुकी है, तो इस योजना में नया रजिस्ट्रेशन नहीं हो पाएगा।
किन लोगों को इस योजना का लाभ मिल सकता है?
कई लोग मानते हैं कि यह योजना सिर्फ दिहाड़ी मजदूरों के लिए है। ऐसा नहीं है। असंगठित क्षेत्र में तरह-तरह का काम करने वाले लोग शर्तें पूरी करने पर जुड़ सकते हैं, जैसे:
- निर्माण कार्य में लगे मजदूर और खेतिहर मजदूर
- रिक्शा या ठेला चलाने वाले
- रेहड़ी-पटरी और फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले
- घरों में झाड़ू-पोंछा, सफाई और बर्तन का काम करने वाले घरेलू कामगार
- दर्जी, मोची, धोबी और नाई जैसे छोटे कारीगर
- बीड़ी बनाने वाले और हथकरघा पर बुनाई करने वाले कामगार
- ईंट भट्ठों पर काम करने वाले मजदूर
- कूड़ा बीनने वाले और सिर पर बोझ ढोने वाले
- मिड-डे मील में काम करने वाले कर्मचारी
- घर से काम करने वाले और अपने स्तर पर छोटा काम करके कमाने वाले दूसरे असंगठित श्रमिक
उम्र के हिसाब से हर महीने कितनी किस्त जमा करनी होगी?
सबको एक जैसी रकम नहीं भरनी पड़ती। किस्त इस पर निर्भर करती है कि आप किस उम्र में योजना से जुड़ रहे हैं। कम उम्र में जुड़ेंगे तो किस्त कम रहेगी, और देर करेंगे तो हर महीने ज्यादा देना पड़ेगा। नीचे की तालिका में आपकी किस्त वही है जो आपके खाते से कटेगी, और सरकार उतनी ही रकम अपनी तरफ से जोड़ेगी।
| जुड़ने की उम्र | आपकी मासिक किस्त | सरकार का योगदान |
| 18 साल | ₹55 | ₹55 |
| 19 साल | ₹58 | ₹58 |
| 20 साल | ₹61 | ₹61 |
| 21 साल | ₹64 | ₹64 |
| 22 साल | ₹68 | ₹68 |
| 23 साल | ₹72 | ₹72 |
| 24 साल | ₹76 | ₹76 |
| 25 साल | ₹80 | ₹80 |
| 26 साल | ₹85 | ₹85 |
| 27 साल | ₹90 | ₹90 |
| 28 साल | ₹95 | ₹95 |
| 29 साल | ₹100 | ₹100 |
| 30 साल | ₹105 | ₹105 |
| 31 साल | ₹110 | ₹110 |
| 32 साल | ₹120 | ₹120 |
| 33 साल | ₹130 | ₹130 |
| 34 साल | ₹140 | ₹140 |
| 35 साल | ₹150 | ₹150 |
| 36 साल | ₹160 | ₹160 |
| 37 साल | ₹170 | ₹170 |
| 38 साल | ₹180 | ₹180 |
| 39 साल | ₹190 | ₹190 |
| 40 साल | ₹200 | ₹200 |
किस्त 60 साल की उम्र तक भरनी होती है। मोटा हिसाब लगाएं तो 18 साल की उम्र में जुड़ने वाला व्यक्ति 42 साल में करीब ₹27,720 अपनी जेब से जमा करेगा, जबकि 40 साल की उम्र में जुड़ने वाला 20 साल में करीब ₹48,000। सरकार दोनों के बराबर रकम जोड़ती है।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में कौन-कौन से दस्तावेज लगेंगे?
रजिस्ट्रेशन के लिए ये चीजें अपने साथ रखें:
- आधार कार्ड
- बचत बैंक खाते या जन धन खाते की पासबुक, जिस पर IFSC कोड हो
- चालू मोबाइल नंबर
- पहली किस्त के लिए पैसे
ई-श्रम कार्ड होना जरूरी नहीं है, पर हो तो काम आसान हो जाता है।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कैसे करें?
योजना का आधिकारिक पोर्टल maandhan.in है। वहां खुद रजिस्ट्रेशन (Self Enrollment) की सुविधा है।
- अपने फोन या कंप्यूटर में maandhan.in खोलें।
- PM-SYM के लिए Self Enrollment का विकल्प चुनें।
- मोबाइल नंबर डालें और OTP से नंबर की पुष्टि करें।
- आधार और बैंक खाते की जानकारी भरें। साथ में जन्मतिथि और अपने काम का प्रकार भी दर्ज करें।
- नाम, जन्मतिथि और बैंक खाते का विवरण एक बार ध्यान से जांच लें। यहां की गलती बाद में परेशानी देती है।
- बैंक खाते से हर महीने किस्त अपने आप कटने (ऑटो-डेबिट) की सहमति दें और अपनी उम्र के हिसाब से तय पहली किस्त जमा करें।
- आखिर में मिलने वाली रसीद या सदस्यता की जानकारी संभालकर रख लें।
सरकारी पोर्टल पर विकल्प समय-समय पर बदलते रहते हैं। अगर Self Enrollment का विकल्प न दिखे, तो नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है।
CSC सेंटर से रजिस्ट्रेशन कैसे कराएं?
मोबाइल पर फॉर्म भरने में दिक्कत हो तो कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) सबसे आसान रास्ता है।
- अपने नजदीकी CSC सेंटर पर जाएं और बताएं कि आपको प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में नाम लिखवाना है।
- आधार कार्ड और बैंक पासबुक दिखाएं।
- संचालक आपकी जानकारी पोर्टल पर भरेगा और आधार से पहचान की पुष्टि कराएगा।
- आपकी उम्र के हिसाब से मासिक किस्त तय होगी। आमतौर पर पहली किस्त नकद देनी पड़ती है।
- ऑटो-डेबिट की सहमति देने के बाद रजिस्ट्रेशन पूरा होता है। रसीद और पेंशन कार्ड संभालकर रखें।
योजना शुरू होने के समय प्रधानमंत्री ने बताया था कि CSC पर रजिस्ट्रेशन का खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। इसलिए अगर कोई रजिस्ट्रेशन के नाम पर अलग से पैसे मांगे, तो रसीद जरूर लें और बिना रसीद कोई रकम न दें।
क्या पति और पत्नी दोनों को ₹6000 पेंशन मिल सकती है?
हां, मिल सकती है। शर्त यह है कि दोनों अपनी-अपनी पात्रता पूरी करते हों और दोनों अलग-अलग रजिस्ट्रेशन कराएं। दोनों अपनी उम्र के हिसाब से किस्त भरेंगे, और 60 साल की उम्र पूरी होने पर दोनों को अलग-अलग ₹3000 पेंशन मिलेगी। यानी परिवार को हर महीने कुल ₹6000।
सिर्फ पति-पत्नी होने से दूसरे की पेंशन अपने आप नहीं बनती। दोनों का अलग खाता होना जरूरी है।
पेंशन पाने वाले की मृत्यु हो जाए तो क्या होगा?
अगर पेंशन शुरू होने के बाद लाभार्थी की मृत्यु हो जाती है, तो उसके पति या पत्नी को पेंशन की आधी रकम, यानी ₹1500 हर महीने, पारिवारिक पेंशन के रूप में मिल सकती है। यह सुविधा सिर्फ जीवनसाथी के लिए है। परिवार के बाकी सदस्यों को इस आधार पर पेंशन नहीं मिलती।
अगर मृत्यु 60 साल की उम्र पूरी होने से पहले हो जाए, तो जीवनसाथी के पास दो रास्ते हैं। वह बची हुई किस्तें भरकर योजना जारी रख सकता है, या तय नियमों के हिसाब से योजना से बाहर निकल सकता है।
क्या रजिस्ट्रेशन के बाद बीच में योजना छोड़ सकते हैं?
हां, योजना में बने रहना जरूरी नहीं है। लेकिन बाहर निकलने पर पैसा योजना के नियमों के हिसाब से मिलता है:
- 10 साल से पहले छोड़ने पर: आपका अपना जमा किया हुआ हिस्सा बचत खाते की ब्याज दर के साथ वापस मिलता है।
- 10 साल या उसके बाद, पर 60 साल से पहले छोड़ने पर: आपका हिस्सा पेंशन फंड की असली कमाई या बचत खाते की ब्याज दर, दोनों में से जो ज्यादा हो, उस ब्याज के साथ मिलता है।
दोनों हालात में सरकार की तरफ से डाली गई रकम वापस नहीं मिलती। इसलिए योजना छोड़ने का फैसला जल्दबाजी में न लें और पहले CSC या हेल्पलाइन से अपने खाते की पूरी जानकारी ले लें।
बैंक खाते में पैसे न हों तो किस्त का क्या होगा?
किस्त हर महीने बैंक खाते से ऑटो-डेबिट के जरिए कटती है। खाते में पैसे न हों, खाता बंद हो जाए या किसी और वजह से किस्त न कटे, तो आपका पेंशन खाता निष्क्रिय हो सकता है।
ऐसा हो जाए तो पहले बैंक से खाते की स्थिति पता करें और देखें कि कौन-सी किस्तें बाकी हैं। फिर CSC सेंटर या हेल्पलाइन से पूछें कि बकाया किस्तें जमा करके खाता दोबारा कैसे चालू होगा। सबसे आसान तरीका यही है कि हर महीने किस्त कटने से पहले खाते में पैसे रखें।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना का स्टेटस कैसे देखें?
किस्तें ठीक से जमा हो रही हैं या नहीं, यह समय-समय पर देखते रहना चाहिए।
- बैंक पासबुक या मोबाइल बैंकिंग में ऑटो-डेबिट की एंट्री देखें।
- maandhan.in पर अपने खाते से जुड़ी उपलब्ध सेवा देखें।
- नजदीकी CSC सेंटर पर अपने पेंशन खाते और जमा किस्तों की जानकारी लें।
- हेल्पलाइन नंबर 1800 267 6888 पर पूछताछ करें।
PM-SYM और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में क्या फर्क है?
दोनों के नाम मिलते-जुलते हैं, इसलिए लोग इन्हें एक ही समझ लेते हैं। असल में PM-SYM बुढ़ापे की पेंशन योजना है, जबकि प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना (PMSBY) दुर्घटना बीमा है, जिसमें हादसे में मृत्यु या अपंगता होने पर परिवार को पैसा मिलता है। दोनों अलग योजनाएं हैं और दोनों का लाभ एक साथ लिया जा सकता है। PMSBY और PMJJBY की पूरी जानकारी ई-श्रम कार्ड पर ₹2 लाख का बीमा वाले लेख में दी गई है।
ई-श्रम कार्ड वालों के लिए जरूरी बात
बहुत से लोग समझते हैं कि ई-श्रम कार्ड बनवाते ही ₹3000 मिलने लगते हैं। ऐसा नहीं है। इस पेंशन के लिए PM-SYM में अलग से रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है और किस्त भरनी पड़ती है। इस बारे में विस्तार से E-Shram Card से ₹3000 कैसे मिलेंगे लेख में बताया गया है। ई-श्रम कार्ड से मिलने वाली बाकी योजनाओं की सूची यहां देखें।
आधिकारिक वेबसाइट और हेल्पलाइन
- योजना का नाम: प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना
- आधिकारिक वेबसाइट: maandhan.in
- हेल्पलाइन नंबर: 1800 267 6888
- मंत्रालय: श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार
हेल्पलाइन पर बात करते समय आधार कार्ड और पेंशन खाते की जानकारी पास रखें। और किसी को भी फोन पर अपना OTP, बैंक PIN या पासवर्ड न बताएं।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना: आम सवाल
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में हर महीने कितनी पेंशन मिलती है?
60 साल की उम्र पूरी होने के बाद पात्र व्यक्ति को हर महीने ₹3000 की न्यूनतम सुनिश्चित पेंशन मिलती है।
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना में कौन आवेदन कर सकता है?
असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले 18 से 40 साल की उम्र के लोग, जिनकी महीने की आमदनी ₹15,000 या उससे कम है। साथ ही वे EPFO, ESIC या NPS के सदस्य न हों और आयकर न भरते हों।
क्या 45 साल की उम्र में इस योजना में रजिस्ट्रेशन हो सकता है?
नहीं। नया रजिस्ट्रेशन कराने की अधिकतम उम्र 40 साल है।
इस योजना में हर महीने कितने रुपये जमा करने पड़ते हैं?
उम्र के हिसाब से ₹55 से ₹200 तक। 18 साल की उम्र में ₹55 और 40 साल की उम्र में ₹200 की किस्त है, और सरकार भी उतनी ही रकम जमा करती है।
क्या सिर्फ ई-श्रम कार्ड बनवाने से ₹3000 पेंशन मिलने लगेगी?
नहीं। ई-श्रम कार्ड से पेंशन अपने आप शुरू नहीं होती। इसके लिए PM-SYM की पात्रता पूरी करनी होगी और अलग से रजिस्ट्रेशन कराना होगा। रजिस्ट्रेशन में आधार और बैंक खाते की जानकारी लगती है, ई-श्रम कार्ड जरूरी नहीं है।
क्या रजिस्ट्रेशन के तुरंत बाद ₹3000 मिलने लगते हैं?
नहीं। पेंशन तभी शुरू होती है जब लाभार्थी की उम्र 60 साल पूरी हो जाती है।
क्या पति और पत्नी दोनों को पेंशन मिल सकती है?
हां, अगर दोनों पात्र हैं और अलग-अलग रजिस्ट्रेशन कराते हैं। तब 60 साल की उम्र पूरी होने पर दोनों को ₹3000-₹3000 पेंशन मिल सकती है।
पेंशन पाने वाले की मृत्यु होने पर जीवनसाथी को कितनी पेंशन मिलेगी?
पेंशन शुरू होने के बाद लाभार्थी की मृत्यु होने पर पात्र पति या पत्नी को हर महीने ₹1500 पारिवारिक पेंशन मिल सकती है।
क्या सरकारी कर्मचारी इस योजना में आवेदन कर सकते हैं?
जो लोग EPFO, ESIC या NPS के सदस्य हैं, वे इसके लिए पात्र नहीं हैं। आयकर भरने वाले लोग भी इसमें नहीं जुड़ सकते।
क्या घर बैठे ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है?
हां, maandhan.in पर Self Enrollment की सुविधा है। ऑनलाइन फॉर्म भरने में परेशानी हो तो नजदीकी CSC सेंटर की मदद ले सकते हैं।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना उन कामगारों के लिए अच्छा सहारा है जिनके पास बुढ़ापे के लिए कोई पक्की बचत या पेंशन नहीं है। कम उम्र में जुड़ने पर किस्त बहुत छोटी पड़ती है, और सरकार उतना ही पैसा अपनी तरफ से जोड़ती है। 60 साल के बाद हर महीने ₹3000 की पेंशन मिलने से रोजमर्रा के खर्च के लिए किसी का मुंह नहीं देखना पड़ता।
अगर आप असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं और बाकी शर्तें पूरी करते हैं, तो नजदीकी CSC सेंटर पर जाकर या maandhan.in के जरिए रजिस्ट्रेशन की जानकारी ले लें। आवेदन से पहले अपनी उम्र, महीने की कमाई और EPFO, ESIC या NPS की सदस्यता एक बार जरूर जांच लें, ताकि बाद में पात्रता को लेकर कोई अड़चन न आए।

Amresh Singh
अमरेश सिंह एक कंटेंट राइटर हैं, इन्हें सरकारी योजनाओं और इससे जुड़ी जानकारियों पर काम करने का 5 वर्षों का अनुभव है। यह सभी जानकारी को सरल भाषा में लेख के रूप में लिखते हैं, ताकि आम लोगों को योजनाओं की सटीक जानकारी मिल सके। इनके द्वारा लिखे गए लेख लोगों को कल्याणकारी योजनाओं को समझने और उनसे लाभ उठाने में मदद करते हैं।
